“त्वं जो उखाड़तम् वो उखाड़ लेहिम्। अहं गच्छामी। मुद्रा वापसी कदापि न अपेक्षामी।”

अभी अभी श्री श्री विजय माल्या ने संस्कृत में एक श्लोक ट्वीट किया है।

“त्वं जो उखाड़तम् वो उखाड़ लेहिम्। अहं गच्छामी। मुद्रा वापसी कदापि न अपेक्षामी।”

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